Hike in Dearness Allowance – नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू हो चुका है, लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी तक महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। इस असामान्य देरी ने लाखों सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के मन में गहरी चिंता पैदा कर दी है। हालात को देखते हुए प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर इस विषय पर जल्द से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
7वें वेतन आयोग के तहत ही होगी बढ़ोतरी
अब तक केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में संशोधन 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर किया जाता रहा है। यह आयोग दिसंबर 2025 में अपनी समय-सीमा पूरी कर चुका है। हालांकि 8वां वेतन आयोग अभी गठन और कार्य की प्रक्रिया में है, इसलिए उसकी सिफारिशें अभी लागू होने में समय लगेगा। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल 7वें वेतन आयोग के ढांचे के अनुसार ही DA में वृद्धि की जा सकती है।
संगठनों ने वित्त मंत्री को लिखे पत्र
इस मुद्दे पर दो प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है —
1. कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज एंड वर्कर्स
इस संगठन के महासचिव एस.बी. यादव ने 8 अप्रैल 2026 को वित्त मंत्री को पत्र भेजा। उन्होंने अपने पत्र में यह स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाली DA और DR की किस्तों की घोषणा अब तक नहीं हुई है, जबकि परंपरागत रूप से यह घोषणा हर वर्ष मार्च के अंतिम सप्ताह में होती थी और तीन महीनों का बकाया अप्रैल के पहले हफ्ते में ही दे दिया जाता था। उन्होंने वित्त मंत्री से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया।
2. अखिल भारतीय NPS कर्मचारी महासंघ
इस संगठन के अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने भी वित्त मंत्री को पत्र लिखकर DA बढ़ोतरी की तत्काल घोषणा करने की अपील की। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस देरी के कारण कर्मचारियों के मन में यह डर बैठ गया है कि कहीं कोविड महामारी के दौरान की तरह फिर से महंगाई भत्ते को अनिश्चित काल के लिए रोका तो नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति का कर्मचारियों के मनोबल और कार्यक्षमता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
कर्मचारियों में क्यों है DA फ्रीज का डर?
कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने जनवरी 2020 से जून 2021 तक यानी डेढ़ साल से अधिक समय तक DA और DR में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं की थी। इस बार भी घोषणा में हो रही असामान्य देरी को देखकर कर्मचारियों के मन में उसी दौर की यादें ताजा हो रही हैं। यही वजह है कि कर्मचारी संगठन बार-बार सरकार से स्पष्ट जवाब मांग रहे हैं।
क्या है कर्मचारियों की मांग?
सभी कर्मचारी संगठनों की एक ही मांग है —
- जनवरी 2026 से प्रभावी DA और DR की बढ़ोतरी की घोषणा तत्काल की जाए।
- बकाया तीन महीनों की राशि बिना किसी और देरी के खातों में भेजी जाए।
- सरकार स्थिति स्पष्ट करे ताकि कर्मचारियों में व्याप्त अनिश्चितता और निराशा दूर हो सके।
आगे क्या होगा?
अब सभी की निगाहें वित्त मंत्रालय पर टिकी हैं। सरकार की ओर से जल्द ही इस विषय पर कोई आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद जताई जा रही है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भरोसा है कि सरकार उनकी बात सुनेगी और शीघ्र ही DA और DR बढ़ोतरी का आदेश जारी किया जाएगा।
